Jul 11, 2019

हम वर्ल्डकप क्रिकेट सेमीफाइनल क्यों हारे?





3 दिनों की राष्ट्रीय उदासी का लेटेस्ट इशु -
हम वर्ल्डकप क्रिकेट सेमीफाइनल क्यों हारे?

इसके पक्ष और इसके विपक्ष में कॉलेज में एक छोटी सी डिबेट हुई.
ज्ञानवान और बुद्धिजीवियों ने गंभीर चर्चा की.
निर्णायक मंडल ने टॉप 5 पॉइंट्स को अपने रिजल्ट में स्थान दिया.
आश्चर्य से भरे नतीजे ये रहे आपके सामने.


पक्ष में उछले पॉइंट्स

 लगातार जीतते-जीतते प्लेयर्स थक गए थे.
उनमें और क्रिकेट नहीं बची थी.

उनको अपने घर वालों की याद आ रही थी.
बार-बार घर से फ़ोन आ रहे थे.
घर से इतने दिनों के लिए कई लोग कहाँ बाहर निकलते हैं.

इंद्र देवता को गुस्सा था कि उनको इंटरनेशनल ब्रांड नहीं समझा गया है.
अपनी वैल्यू समझाने के लिए वो विदेश में जम के बरसे.
नतीज़ा ये हुआ कि फ़सल कोई और काट के ले गया.

हम 2 बार पहले ही चैंपियन रह चुके हैं.
हमें भी देने का भाव रखना चाहिए और
हमनें ये ही किया. इंसानियत को जिंदा रखा.

हार-जीत तो होती रहती है.
अगर सेमी-फाइनल में ही ना पहुचते तब क्या इतना दुखी होते?



विपक्ष में उछले पॉइंट्स

ये मौसम की फिक्सिंग थी. जिस धरती पर मैच था,
उसने आसमान से सेटिंग कर ली.
बारिश ऐसे हुई कि हम ही धुल गए.


प्लेयर टीम वर्क से नीचे उतर कर अपनी-अपनी पर आ गए
और फ़िर धीरे-धीरे अकेले चलने लगे.

कर्मों का फ़ल तो मिलता है. आज नहीं तो कल.

होनी को कौन टाल सकता है. धोनी भी नहीं.

क्रिकेट तो एंटरटेनमेंट है. हॉकी, कबड्डी और फुटबाल के प्लेयर्स दिल से खेलते हैं.


और इस तरह से हारने के साथ सबकी घर वापसी हुई.

नतीजा सबके सामने है.


इमेज सोर्स: गूगल
(केवल हास्य-रचना)




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