Aug 1, 2019

उसने कैसे और किसके लिए शुरुआत की थी ?






सदियों से जीवन हैरान करता ही रहा है.
किसी आदमी ने ही डिक्लेअर किया होगा
कि इस पृथ्वी पर सबसे समझदार, 
प्रैक्टिकल, बुद्धिमान और दमदार कोई है
तो वो है आदमी.

आपको याद होगा ही कि पहले आदमी कैसे आया?
यकीन से तो साइंटिस्ट ही बता सकते है.

खैर
अब वो आ ही गया तो
उसने शुरुआत में आदिवासी कल्चर से 
जीना स्टार्ट किया.
उस समय प्रकृति का साम्राज्य रहा होगा
तो आदमी को उसके आगे झुककर चलते रहना पड़ा होगा.

आदमी को पत्थर मिले, उन्होंने दो पत्थर उठाये, रगड़े तो उन्हें चिंगारी का क्लू मिला.
आगे चलकर उन्होंने आग जलाना सीखा.
जानवरों का शिकार करके अपना पेट पाला.
रहने के लिए पत्थरों और पेड़ों की लकड़ियों से 
अपने लिए सुरक्षित स्थान बनाने की कोशिश की.

धीरे-धीरे आदमियों की पापुलेशन बढ़ी.
दूसरी प्राकृतिक चीज़ें कम होने लगी.
विकास का चक्र चलता रहा
और आज आदमी ही हर जगह का राजा है.
उसका कारोबार दूर-दूर तक फैला हुआ है.

आदमी ने इतनी डेवलपमेंट की कि
अब आदमी को छोड़कर आदमी 
किसी और सब्जेक्ट पर बात करने को 
तैयार ही नहीं मिलता.

आज डेवलपमेंट अपने पूरे श़बाब पर है.
टेक्नोलॉजी के आने के बाद तो आदमी का फैलाव इतना बढ़ गया है कि क्या कहने?
इच्छाओं और शिकायतों की डिक्शनरी लगातार मोटी होती जा रही है.

जीरो – युग से मुसाफ़िरी करने निकला आदमी 
अब किसी से कम मालूम दिखाई नहीं पड़ता.
कई बार तो ऐसा ही लगता है जैसे 
पूरा अस्तित्व उसी ने डिज़ाइन किया हो.



लेकिन जब वो किसी वजह से चला जाता है 

तो ये किसी भी तरह से दुखद ही है.

फिर अचानक लगने लगता है कि 
इससे अच्छा तो शुरुआती दौर ही था.

चंद दिनों पहले ही एक रसूकदार शख्स को जीवन की घटनाओं ने ऐसा दबोचा की उनकी सक्सेस का रास्ता ही
कहीं ना कहीं उनकी वापसी का दरवाज़ा बन गया.

सारे आप्शन साइलेंट हो गए.
आर्थिक मजबूती - मज़बूरी कॉम्बो पैकिंग, जीने की दौड़ से कहीं ज्यादा आगे निकल गयी 
और
एक लाइफ़, जो ख़ुद के लिए और दूसरों के लिए 
मुस्कुराने की वजह बनकर कमाल दिखा सकती थी,
वो पुल और पानी के बीच बहती हुई हमेशा के लिए बहुत दूर निकल गई.



आदमी के विकास का चक्र तेजी से घुमा है
तो साथ में बहुत कुछ ऐसा भी है
जो पीछे छोड़ जाता है आदमी.
यादें पीछा करती हैं.

सबकुछ होने के बाद भी उथलपुथल की इंतिहा
कहीं ना कहीं हिंट देना चाहती ही है कि
आदमी को हमेशा ये याद रखना पड़ेगा
कि 
उसने कैसे, कब, कहाँ, क्यों और 
किसके लिए शुरुआत की थी.

तब शायद उसे हर रास्ते में कुछ ऐसे ज़वाब आसानी से मिल सकेंगे
जिसकी तलाश में वो अनंत तक सफ़र तय करता है.


ईश्वर सब पर कृपा बनाये रखे.


इमेज सोर्स: गूगल



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