Sep 19, 2019

फ़िर चाहे हालात कैसे भी क्यों ना हों?





जीवन मौजूद है,
हर किसी के लिए.

जो आ चुका है,
उसके लिए ये जानना ही सबसे ज़रूरी है कि
इस ग्रह पर उसका आना कोई वेस्टेज नहीं है.

किसी भी तरीके से चेहरा लटकाकर जीने 
की ज़रूरत ही क्या है?
फ़िर चाहे हालात कैसे भी क्यों ना हों?

एक दिन तो हर चेहरे को लटक ही जाना है.
फ़िर आज ही क्यों?
किसी को भी इतनी जल्दी नहीं करनी चाहिए.

आज ये कैंसिल. किसी और दिन देखेंगे.
आज केवल मुस्कान.
आज केवल आभार.
केवल करुणा, प्रार्थना और थैंक यू.

पर फ़िर भी, हम अक्सर चूक जाते हैं.
और इसका एक मज़ेदार कारण है –
हमेशा अच्छी चीज़ों की ही उम्मीद.

उम्मीद करना अच्छी चीज़ है,
मगर हमें हमेशा ही अच्छी चीज़ें मिलती ही रहें,
ये फ़िक्स कर लेना, हमारी आदत से 
बाहर ही होना चाहिए.

उम्मीद करना फ्री है,
लेकिन हमें चीज़ों को क्रिएट करना पड़ता है.
ये तो बाद की बात है कि चीज़ें कैसा रिजल्ट देंगी.

किसी भी मोमेंट में,
हम 3 तरीकों से ही एक्शन कर सकते हैं –
या तो शारीरिक,  
या मानसिक
और या फ़िर इमोशनली.

हर एक्शन, हमारी मेमोरी के डेटाबेस में 
जगह ले लेता है,
और ये ही कर्म बन जाता है.
यानि हर जीव, किसी ना किसी तरीके के 
कर्म में लगा हुआ है
और नयी नयी चीज़ें क्रिएट करता है.

वो जैसा एक्शन करेगा,
उसका प्रभाव सामने आएगा.
ये छुप नहीं सकता.
चीज़ों का प्रभाव फ़िर असर दिखाएगा.
अब हर असर अच्छा ही हो,
ये तो रिसर्च का सब्जेक्ट है.

हमें तो बस इतना ही जागरूक होने की ज़रूरत है
कि अगर हमारे अपने शरीर,
हमारे मन और हमारे इमोशन के बीच का 
तालमेल और रिलेशन, सुखद बन जाए
तो फ़िर हमें अपनी हेल्थ, सुख
और हैप्पीनेस की चिंता से मुक्ति मिलेगी.

और इस एकमात्र प्राप्त जीवन में हर किसी को,
किसी भी चिंता से मुक्ति ही चाहिए.

चेहरा लटकाकर चलते रहने से
क्या आपको लगता है
कि इसका समाधान निकल सकता है?

हमारे पास कुछ भी ना हो,
कुछ भी ऐसा जो बाहर से मिलता हो और
तो भी, हम ख़ुश रहने के प्रोसेस को
जान सकें और ख़ुश रह सकें,
ये ही जीवन के अंदर की कहानी है.
ये ही हाईएस्ट फाइंडिंग है.

इसके लिए हमें,
हमारे वो 3 एक्शन, ऐसे परफॉर्म
करने की प्रैक्टिस करनी होगी कि वो  
तीनों मिलकर कोई शानदार प्रभाव क्रिएट करे और,
सबके लिए कोई बेहतरीन चीज़ बन सके.

क्योंकि अगर हम सही चीज़ें नहीं करेंगे
तो हमारे साथ सही चीज़ें कभी हो ही नहीं सकती.

और चीज़ें वो ही अच्छी होती हैं,
जो सभी के लिए अच्छी हों.

किसी अकेले के लिए क्या अच्छा हो सकता है?
पृथ्वी एक बहुत बड़ा ग्रह है.


इमेज सोर्स: गूगल















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