Sep 4, 2019

टारगेट सेट. ये सितम्बर और वो खूबसूरत हेलमेट.






हेलमेट, व्हीकल बीमा और प्रदूषण फ्री सर्टिफिकेट,
ये तीनों इस सितम्बर से ही लाइमलाइट में बने हुए है.

भारतीय जीवन वैसे रिलेशन पर ज्यादा बेस्ड रहा है.
अगर आपका कोई जानकार ऐसी ड्यूटी पर है,
जहां रूल फॉलो करे बिना, आपका काम बन सकता है
तो वहां आप उपदेश देने से बचते हैं
और शॉर्टकट मारने की कोशिश कर ही डालते हैं.

लेकिन कोई और अगर ऐसा कर दे तो
अचानक आपको बहुत ज्यादा गुस्सा आने लगता है
और आपका लेक्चर रोके नहीं रुकता.

खैर,
ये मूल मानवीय स्वभाव है,
जिसे सदियों से इकठ्ठा किया गया है
और अब ये
एक अप्रभावी उपलब्धि में बदल चुका है.
इसका रिजल्ट कभी ख़ास नहीं दिखाई देता.

मगर कुछ ना होने से, थोड़ा अड़ियल हो जाना  
ज्यादातर मनुष्यों की पहली पसंद हमेशा से रही है.

पर बेचारा वो, जिसका कोई नहीं होता.
उसे तो बिना टाइम गंवाए सभी रूल्स को
फॉलो करने की आदत डाल लेनी ही चाहिए
क्योंकि इससे वो कई सारे मानसिक झंझटों
से मुक्ति पा सकता है,
बजाय के अपना दिमाग ख़राब करते रहने के.

तो भारी-भरकम चालान कटाने से बेहतर होगा कि
आप अपनी चीज़ों को पूरा करने में ख़ुशी महसूस करें
क्योंकि
हेलमेट, व्हीकल बीमा और प्रदूषण फ्री सर्टिफिकेट,
ये तीनों इस सितम्बर से ही लाइमलाइट में बने हुए है.
आप भी इनके साथ थोड़ा एडजस्ट करें  
और अपने देश को लाइमलाइट में ले आएं.

ये चॉइस ज्यादा सुकून भरी है.
ख़ुद को दुरुस्त रखिए
और फिर आपको बीमार सड़कों की चिंता
कम से कम सताएगी.

बारीकी से देखा जाए तो
ये ऑफर भी देश सेवा से कम कहाँ?
क्या पता, साइकिल का दौर लौट ही आए?


इमेज सोर्स: गूगल



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