Nov 13, 2019

जीवन की ट्रेन ऐसे ही दौड़ती है. हैप्पी चिल्ड्रेन्स डे.





आप किसी भी ऐज ग्रुप के हों,
अगर आप कभी-कभी ये महसूस कर पाते हैं 
कि आपके अंदर का बंदर यानि आपका बचपना
कुछ ही पलों के लिए ही सही,
मगर बदमाशी करता रहता है
तो आप भी बाल दिवस मना सकते हैं.
और इसे हर किसी को मनाना ही चाहिए
क्योंकि डेड सीरियस होकर ही 
आप चीज़ों को बदल देंगे
या उनका आनंद उठा सकेंगे,
इसमें संदेह हो सकता है.

लेकिन एक बच्चे की तरह कुछ पल गुजार कर,
शायद आप अपने अस्तित्व के
गोल्डन पीरियड को पुर्नजीवित ज़रूर कर सकते हैं.
और इसमें जरा भी झूठा होने ही गुंजाईश नहीं है.

हर कोई अपने किसी कोने में बचपन को 
जिंदा रखना ही चाहता है
क्योंकि उसमें हैरानी है, नया करने का जोश है,
हार की परवाह नहीं है और
सबकुछ स्वीकारने का ज़ज्बा बना रहता है.

थोड़ा बड़ा हो जाने पर सिर्फ़ उम्र बढ़ जाती है,
आप छोटे और उदासीन होते चलते हैं.
जीवन आपको घसीटता हुआ आगे ले जाता है,
मन की चिंताएं सूरज से भी बड़ी दिखाई देती हैं
और जीवन चलाने का डर हमेशा घर किये रहता है.

आप लक्ष्य बनाते हैं, प्लानिंग करते हैं,
बाहरी ताम-झाम से अपनी बोझिल लाइफ़-स्टाइल को
नया लुक देने की ब्रांडिंग में सिमटते जाते हैं
और अपने आस-पास अपनी सपोर्ट का
एक आर्टिफीसियल वायु-मंडल क्रिएट 
करने की कोशिशों में
चेहरे की झुर्रियां बढ़ाते चलते हैं.

लेकिन किसी शाम को,
बिस्तर पर पड़ते ही आपको
बचपन के दिन अचानक से याद आते हैं
और आप बिना किसी बाहरी मदद के 
भी मुस्कुरा पड़ते है.
अब आप चारों तरफ़ देखते हैं और पाते हैं
कि इतना सबकुछ किसलिए?
लेकिन प्रैक्टिकल बनना ज़रूरी है,
इसीलिए यादों का बंडल फेंक दिया जाता है.

कुछ दिनों बाद बुढ़ापा दस्तक देने लगता है.
जिस मान-सम्मान, इज्ज़त, शोहरत के लिए आप
मिल्खा सिंह की तरह दौड़े थे, वो अतीत बन चुका है.
आपके बच्चे बड़े होकर अब बोल्ट की तरह 
दौड़ने की फ़िराक में हैं
और उन्हें आपके अस्तित्व से कुछ 
ज्यादा उम्मीदें नहीं है.
ये ठीक वैसा ही एक्सपीरियंस है,
जो कभी आपको भी बड़ा होते हुए हुआ होगा.

जीवन की ट्रेन ऐसे ही दौड़ती है.
आपको अपनी छुक-छुक याद करते रहना चाहिए.
क्योंकि आपका अपना अनुभव, ख़ुद अपने लिए,
बस ये ही सबसे बड़ी कृपा है
जिससे आप अपने आस-पास से जुड़ते हैं
और बचपन छलांगे मारता रहता है.

हैप्पी चिल्ड्रेन्स डे.
आज किसी बच्चे को हंसा कर देखिए.
और ये दिन आपका ही होगा.



इमेज सोर्स: गूगल







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