Jan 28, 2019

जब मैं ख़ुद से बाहर निकला तो






जब मैं ख़ुद से बाहर निकला तो देखा
मेरी रक्षा के लिए सीमा पर जवान था
मेरा पेट भरने के लिए खेतों में किसान था
उम्मीद जगाने के लिए तकनीकें थी, विज्ञान था.
अब मैं ख़ुद से बाहर ही रहता हूँ.


जब मैं ख़ुद से बाहर निकला तो
माँ के चेहरे पर मुस्कान छलक आई
पिता की झुर्रियों ने भी ली अंगड़ाई
पत्नी ने सीली खुशियों की रजाई
अब मैं ख़ुद से बाहर ही रहता हूँ.


जब मैं ख़ुद से बाहर निकला तो
दोस्तों ने मुझे गले लगाया
छूटा प्यार मैंने वापिस पाया
जर्रा-जर्रा मुझे देख मुस्काया
अब मैं ख़ुद से बाहर ही रहता हूँ.


जब मैं ख़ुद से बाहर निकला तो
मैंने सबको बिलकुल ओके पाया
कहीं हंसा मैं कहीं शरमाया
पलकों से समंदर रोक ना पाया
अब मैं ख़ुद से बाहर ही रहता हूँ.


जब मैं ख़ुद से बाहर निकला तो
तेरा-मेरा सब खत्म हो गया
कचरा सारा भस्म हो गया
हल्का हो गहरी नींद सो गया
अब मैं ख़ुद से बाहर ही रहता हूँ.


जब मैं ख़ुद से बाहर निकला तो
बच्चों में ख़ुदा का नूर देखा
जीवन को भरपूर देखा
मिट गयी काल समय की रेखा
अब मैं ख़ुद से बाहर ही रहता हूँ.


29 January 2019
7.58 AM

Jan 25, 2019

जिस दिन तुम ये कर पाए.






आज पूर्ण स्वराज का दिन है
साहस का दिन
संविधान का दिन
लोकतंत्र का दिन

तुम भी मनाओ इसे भरपूर
इसे पूरे दिल से मनाना
जैसे दिवाली मनाते हो

ये अपनी समस्याओं से दो-दो हाथ करने का दिन है
अपनी समस्या के आगे डट के खड़े हो जाना
अपनी छाती में इतनी गहरी सांस भर लेना
कि
जब सांस छोड़ो तो समस्या हवा में उड़ जाए

घबराना मत
हो सकता है वो तुम्हें डराए
हो सकता है तुम्हारा हौसला किसी पल सुस्त पड़े  
हो सकता है सब कहें ये तुमसे नहीं होगा
हो सकता है तुम ख़ुद को समेटने का मन बना लो
पर तुम ये सब भूल कर
ख़ुद पर भरोसा बनाए रखना

काले बादल आयेंगे
भविष्य तुम्हें चिंतित करेगा
सबसे बुरा क्या हो सकता है
तुम हार भी सकते हो
तुम रो भी सकते हो

लेकिन

तुम आस मत छोड़ना
तुम्हें कुछ नहीं होगा
तुम डटे रहना
जैसे फ़ौजी
अपने पैर जमाए रखना
जैसे अंगद


जिस धरा ने तुम्हें पनाह दी है
वो तुम्हें लड़ना और जीतना भी सीखा देगी

बस आखें सामने
और
अपना सर ऊँचा रखना

लगातार प्रयासों से
तुम ख़ुद को पहचान जाओगे

अब तक तुम दुनिया के हिसाब से चलते आए थे
अब तुम्हें ख़ुद को तलाशना है ख़ुद के लिए
समय लगेगा

परन्तु

यकीन मानो
जिस दिन तुम ये कर पाए
तुम्हारी हंसी अनमोल होगी
आज वो ही दिन है
तुम्हारा पूर्ण स्वराज
तुम्हारा गणतंत्र

मुबारक हो.

26 जनवरी 2019
8.55 AM




वरना तुम्हारी हर इच्छा एक शिकायत है.





ये शानदार है
ये संसार है

तुम एक बच्चे के रूप में एंट्री लेते हो
एक बूढ़े के रूप में एग्जिट

एक एक्टर की तरह जीना चाहते हो
और एक सुपर हीरो की तरह मरना

तुम कुछ भी बन जाना चाहते हो
क्योंकि तुम से हर कोई उम्मीद करता है
कुछ बनने की

तुम जीवन को लंबा भी जीते हो
और छोटा भी
इसे दूसरों की शर्तों पर भी जी लेते हो
ये जाने बगैर कि
पैदा होते ही मरना शुरू हो जाता है

उम्र तुमसे पूछकर बड़ी या छोटी नहीं होती

ये ज़रूर है कि तुम सरलता से जी लेना चाहते हो
ख़ुश होने के लिए बिना कुछ परेशान हुए
पर ख़ुश रहने का बोध 
ओरिजिनल होने से ही पनप सकेगा 

वरना तुम्हारी हर इच्छा एक शिकायत है
और जिंदगी शिकायतों की मजबूत श्रृंखला
अंत में सब दफ़न 

दूसरों से नफ़रत की अपेक्षा प्यार
उम्र ना सही लेकिन
ख़ुशी को जरुर लंबा कर सकता है

और
अगर तुम भी पल-पल अभिनय करने लगे हो तो
जीवन भी दयालु होने से बचता रहेगा.

25 January 2019
1.47 PM

Jan 21, 2019

मैं तुमसे ही पूरा होता हूँ हमेशा.





कभी तुम मेरा इंतजार करते हो
कभी मैं 

कभी तुम मुझे याद कर लेते हो 
कभी मैं 

कभी तुम मुझसे बिछड़ जाते हो 
कभी मैं

कभी तुम बेहद खुबसूरत लगते हो
कभी मैं 

कभी तुम कमाल करते हो
कभी मैं

कभी तुम तेज धूप होते हो
कभी मैं

कभी तुम शांत छाँव बन जाते हो
कभी मैं

कभी तुम मुझे पुकार लेते हो
कभी मैं 

कभी तुम उदास हो उठते हो
कभी मैं

कभी तुम ख़ाली हो जाते हो
कभी मैं

कभी तुम भर जाते हो
कभी मैं

कभी तुम फ़क़ीर हो जाते हो
कभी मैं

कभी तुम जीत जाते हो
कभी मैं

कभी तुम हार जाते हो
कभी मैं

कभी तुम मुस्कुरा जाते हो
कभी मैं

कभी तुम बरस जाते हो
कभी मैं


कभी तुम ताली बजाते हो
कभी मैं

कभी तुम कुछ गुनगुनाते हो
कभी मैं

कभी तुम बुद्धू से बुद्ध हो जाते हो
कभी मैं 


इस 
कभी तुम और कभी मैं 
के दरमियाँ
ये जिंदगी की अठखेलियां
ये पहेलियाँ
ही जिंदा और हैरान रखती हैं
कभी तुम्हें और कभी मुझे

ये कमाल की केमिस्ट्री है 

और 

मुझे तुम पर फ़क्र है 

क्योंकि 

मैं तुमसे ही पूरा होता हूँ हमेशा.


22 जनवरी 2019
7.55 AM