Mar 1, 2019

वेलकम होम अभिनंदन






कलयुग में तुम निकले चंदन
माँ भी करे तुम्हारा वंदन
वेलकम होम प्यारे अभिनंदन
अभिनंदन तुम्हारे अनुकरणीय साहस को
अभिनंदन करोड़ों लोगों के गर्व को
अभिनंदन उस पल को जब तुमने कर दिखाया


ये किसी जादू भरे दिन से कम नहीं
ये निपट कल्पना नहीं
ना ही कोई संयोग
नियति इतनी खुबसूरत भी हो सकती है
अब तक यकीं नहीं होता


तुम लौट आए सबकुछ जीतकर
दिलों को जज्बातों को उम्मीदों को


तुमने ब्याज सहित चुकाया अपना कर्ज़
अनूठे अंदाज़ से निभाया अपना फर्ज़
और तुम साँसों के साथ लौटे
आशा और आस्था को हाथों में लेकर
ये कहाँ किसी चमत्कार से कम है


सच तो ये है कि
तुम हो तो हम हैं
कोई कोई ही कर पाता है सदियों में ऐसा
और फ़िर इतिहास ख़ुद को अमर कर लेता है
ये समय की करवट कितनी भाग्यशाली है
तुमने समाज के हर तबके को
एक सार्थक हिंदुस्तानी होने की प्रेरणा दी है
और ये तुम्हारे अदम्य साहस और विश्वास के बिना
संभव नहीं हो पाता


हमें नाज़ है कि हम तुम्हारे समय पर जन्में
और हमने एक शानदार धरती-पुत्र देखा


कलयुग में तुम निकले चंदन
माँ भी करे तुम्हारा वंदन
वेलकम होम प्यारे अभिनंदन

02 March 2019
Image Source: Google