May 8, 2018

जीवन का अंत उस दिन होना शुरू हो जाता है......


मार्टिन लूथर किंग जूनियर. वाह, क्या व्यक्तित्व थे. उनके कुछ कमाल के विचार.

आपके सामने. कोट्स के रूप में. पढ़िए. जीवन में उतारिए और तर जाइये.


Quote# 1
“एक सच्चा लीडर लोगों के विचारों के पीछे नहीं चलता बल्कि वो लोगों के विचारो को बदल देता है।”


Quote# 2
“अंधकार से अंधकार को दूर नहीं किया जा सकता है, केवल प्रकाश से ही ऐसा किया जा सकता है। नफरत से नफरत को नहीं हटाया जा सकता है, केवल प्यार से ही ऐसा किया जा सकता है।”


Quote# 3
“सही काम को करने के लिए, समय हर क्षण सही होता है।”


Quote# 4
“हमें भाईयों की तरह मिलकर रहना सीखना पड़ेगा, वरना मूर्खों की तरह लड़कर सभी बर्बाद हो जाएंगे।”


Quote# 5
“आँख के बदले आँख” के प्राचीन सिद्धान्त से तो एक दिन सभी अंधे हो जाएंगे।”


Quote# 6
“किसी भी जगह हो रहा अन्याय हर स्थान पर न्याय के लिए खतरा है।”


Quote# 7
“हमारे जीवन का अंत उस दिन होना शुरू हो जाता है, जिस दिन हम उन मुद्दो के बारे में चुप हो जाते है जो आम समाज के लिए मायने रखते है।”


Quote# 8
“हमें सीमित निराशा को स्वीकार करना चाहिए, लेकिन असीमित आशा को कभी नहीं भूलना चाहिए।”


Quote# 9
“व्यक्ति का निर्णायक आकलन इससे नहीं होता है कि वह सुख व सहूलियत की घड़ी में कहां खड़ा है, बल्कि इससे होता है कि वह चुनौती और विवाद के समय में कहां खड़ा होता है।”


Quote# 10
“यदि तुम उड़ नहीं सकते हो तो दौड़ो, यदि तुम दौड़ नहीं सकते हो तो चलो, यदि तुम चल नहीं सकते हो तो रेंगो। लेकिन, तुम जैसे भी करो, तुम्हें आगे बढ़ना ही होगा।”


Quote# 11
“प्रेम एकमात्र ऐसी शक्ति है, जो शत्रु को मित्र में बदल सकती है।”


Quote# 12
“सबसे बड़ी त्रासदी बुरे व्यक्तियों का अत्याचार और दमन नहीं, बल्कि इस पर अच्छे लोगों का मौन रहना है।”


Quote# 13
“सच्ची शिक्षा का लक्ष्य चरित्र के साथ बुद्धिमता का विकास करना है। पूरी एकाग्रता से विचार करने की क्षमता देना ही शिक्षा का कार्य है।”


Quote# 14
“आपके ऊपर तब तक कोई सवार नहीं हो सकता जब तक की आपकी कमर झुकी नहीं हो, इसीलिए अपनी कमर सीधी करे और लक्ष्य के किए काम में जुट जाए।”


Quote# 15
“हमारी वैज्ञानिक शक्ति ने हमारी आध्यात्मिक शक्ति को कुचल दिया। हमारे पास गाइडेड मिसाइल तो है, लेकिन लोग मिस गाइडेड है।”


Quote# 16
“प्रत्येक व्यक्ति को यह फैसला कर लेना चाहिए कि वह रचनात्मक परोपकारिता के आलोक में चलेगा या विनाशकारी खुदगर्जी के अंधेरे मे।”


Quote# 17
“मानव की प्रगति कभी अपने आप नहीं होती। न्याय के लक्ष्य की ओर बढ़ाए गए हर कदम पर बलिदान, संघर्ष और तकलीफे होती है। लक्ष्य के लिए समर्पित व्यक्तियों का अथक परिश्रम और जूनून होता है।”


Quote# 18
“व्यक्ति जब तक व्यक्तिगत चिन्ताओ के दायरे से ऊपर उठकर पूरी मानवता की बड़ी चिंताओं के बारे में नहीं सोचता, तब तक उसने जिंदगी जीना ही शुरू नहीं किया है।”

May 7, 2018

भगवान् ने मुझे चीट किया है.

बहुत पुरानी बात है. एक नगर में एक वेश्या की मौत हो गयी और संयोग से उसी दिन उसके सामने रहने वाला एक बूढ़ा सन्यासी भी अलविदा कह गया. देवता दोनों को लेने आ पहुंचे. वेश्या को स्वर्ग जाने का अपॉइंटमेंट लैटर मिला और संन्यासी को नरक जाने का. वेश्या मुस्कुराने लगी और संन्यासी एकदम से आगबबूला हो उठा.


तुम ये कैसा अन्याय कर रहे हो? मुझे नरक में और इस दौ कोड़ी की वेश्या को स्वर्ग में ले जा रहे हो. तुमसे जरूर कोई भूल हो रही है. अपना डेटाबेस चेक करो. फाइल पर गलत नाम छाप दिया है. रीनेम करो. पता करो अपने एडमिन से. स्वर्ग का संदेश मेरे नाम आया होगा और नर्क का इसके नाम का.

मुझे भगवान् यानि अपने एडमिन से मिलने दो. लेट् मी डिस्कस दी मैटर. मेरा सारा जीवन बीत गया शास्त्र पढ़ने में और ये रिजल्ट. रिजल्ट में मिस्टेक है. मुझे भगवान् ने चीट किया है.

उसे भगवान् के पास ले जाया गया.

भगवान् ने कहा कि हमारे डेटाबेस में ट्रांसपेरेंसी 100% है. जरा अतीत में जाओ. याद करो. ये वेश्या शराब पीती थी. भोग में रहती थी. पर जब तुम मंदिर में बैठकर भजन गाते थे. धूप- दीप जलाते थे. घंटियां बजाते थे. तब ये सोचती थी कि कब मेरे जीवन में ऐसा सौभाग्य आएगा कि मैं मंदिर में बैठकर भजन कर पाऊंगी. ये ज़ोर-ज़ोर से रोने लगती थी. और तुम्हारे धूप-दीप की पवित्र खुशबू जब इसके घर पहुंचती थी तो ये उसे अपना अहोभाग्य समझती थी. मंदिर की घंटियों की आवाज सुनकर प्रभु सुमिरन में खो जाती थी. उधर तुम्हारा मन पूजा-पाठ करते हुए भी ये ही सोचता रहता था कि ये वेश्या है तो सुंदर पर उस तक पंहुचा कैसे जाए? पर सामाजिक प्रतिष्ठा के चलते तुम ये कर ना सके क्योंकि पूरे नगर के लोग तुम्हें संन्यासी मानते थे. जब ये नाचती थी. शराब परोसती थी तो याद करो कैसे तुम्हारे मन में वासना जाग उठती थी. तुम्हें इसमें रस आता था और इसे न पा सकने की वजह से तुम हमेशा खुद को अभागा समझते रहे.
बस इसलिए ही इस वेश्या को स्वर्ग में लाया गया और तुम्हें नरक में. वेश्या को धर्म पुकारता था और तुम्हें पुकारती थी वासना. ये वेश्या होते हुए भी प्रार्थना करती थी और तुम संन्यासी होते हुए भी इच्छा रखते थे इसकी.
ये कीचड़ में पड़ी होकर भी कमल के फूल की तरह ऊपर उठती चली गई. तुम कमल बनकर आए थे लेकिन कीचड़ में धंसे रहे.

सार: असली सवाल यह नहीं कि तुम बाहर से क्या हो? लोगों को क्या दिखते हो? अपितु असली सवाल तो यह है कि तुम भीतर से क्या हो?
क्योंकि भीतर ही सत्य है. निर्णायक है और मंजिल प्रदान करने वाला है.

May 5, 2018

ट्रीटमेंट के दौरान वो एक रिहेबलिटेशन सेंटर पहुंची.

साल 2011 में हुए एक हादसे में उनको अपना एक पैर खोना पड़ा लेकिन उन्होंने अपना हौसला नहीं खोया. हारना और असंभव शब्द उनकी डिक्शनरी में कहीं नज़र नहीं आता.

ये हैं किरण कनौजिया. इंडिया की पहली महिला ब्लेड रनर. जिन्होंने अपने साहस और हौसले के दम पर अपने अँधेरे को उजाले में बदल डाला. पूरे वर्ल्ड में नाम कमाया और लोगों को मुसीबतों से लड़कर आगे बढ़ने के लिए मोटीवेट किया.
किरण फरीदाबाद (हरियाणा) की रहने वाली हैं. कंप्यूटर एप्लीकेशन में मास्टर्स हैं और जॉब करती हैं इंफोसिस हैदराबाद में.
साल 2011 में जब वे अपना बर्थडे सेलिब्रेट करने हैदराबाद से अपने घर फरीदाबाद आ रहीं थीं, तभी पलवल स्टेशन के पास दो बदमाशों ने उनके सामान को छीनने की कोशिश की. किरण ने फाइट किया लेकिन इसी दौरान वे नीचे ट्रैक पर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गयी. उन्हें अस्पताल ले जाया गया और डॉक्टर्स को उनकी जान बचाने के लिए उनकी एक टांग काटनी पड़ी.
ये काफी दर्दनाक और अप्रत्याशित था. लेकिन किरन भीतर से मजबूत थी. वो किसी की दया का पात्र बनकर जीवन गुजरना नहीं चाहती थी. उन्होंने संकल्प लिया कि अपने भविष्य की स्क्रिप्ट वो खुद लिखेंगी. अपनी कमजोरी को ही अपनी ताकत बनाएंगी और देश में ही नहीं बल्कि पूरे वर्ल्ड में नाम कमायेंगी.
किरण घर की सबसे बड़ी बेटी थीं. इसलिए परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए कुछ महीनों के बाद वापस नौकरी पर लौट गयीं. उन्होंने आर्टीफिशल पैर का प्रयोग करना शुरू किया. ये बहुत ही निराश कर देने वाले मोमेंट्स थे. पर अब वो पीछे मुड़ कर नहीं देखना चाहती थी. ट्रीटमेंट के दौरान वो एक रिहेबलिटेशन सेंटर पहुंची जहां उन्होंने देखा कि लोग रनिंग के लिए ब्लेड का प्रयोग कर रहे थे. वो वहां के डॉक्टर्स से मिली. सभी डॉक्टर्स ने उनका हौंसला बढ़ाते हुए उन्हें ब्लेड को प्रयोग करने के लिए कहा. ब्लेड को लगाने के बाद किरण ने पाया कि वे आसानीं से दौड़ लगा सकतीं थीं. बस फ़िर क्या था. किरण को जैसे अपने सपनों का पासवर्ड मिल गया था. उन्होंने रनिंग की प्रैक्टिस करना शुरू किया. पहले वे 5 किलोमीटर तक दौड़ी और कुछ दिनों बाद 10 किलोमीटर तक की दौड़ लगाने लगीं. फ़िर एक दिन ऐसा आया कि वो 21 किलोमीटर की दूरी तय करने में कामयाब होने लगीं. किरण का कम्पटीशन बस केवल खुद से ही था.
किरण आज इंडिया की पहली महिला ब्लेड रनर हैं. उन्होंने दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई समेत कई शहरों में आयोजित होने वाली मैराथन रेस में भाग लिया है. वो ख़ुद को खुशकिस्मत भी मानती हैं कि इस पूरे सफर में उन्हें सबका सहयोग मिलता रहा है. फ़िर चाहें वो उनके परिवार वाले हों, उनके दोस्त और वेल विशेर्स हों या फिर वो लोग हों जो उन्हें कभी नहीं जानते थे.

किरण कहती हैं कि भले ही उन्होंने अपना एक पैर गंवाया लेकिन उस घटना ने उन्हें एक मजबूत इंसान बनाने में बहुत मदद की. अब उनकी जिंदगी बेहद पॉजिटिव, एनर्जेटिक और खुशहाल है. और वो अब केवल अपने लिए ही नहीं बल्कि बाकी लोगों को प्रेरित करके उनकी जिंदगी में भी बदलाव लाना चाहतीं हैं.

आपको सलाम है किरण. आप हम सब के लिए भी हौसले और हिम्मत की एक नयी किरण हो. जय हिन्द.



May 4, 2018

वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा.

बहुत समय पहले की बात है एक नदी के किनारे पीपल का एक पेड़ था. पहाड़ों से उतरती नदी पूरे वेग से बह रही थी कि अचानक पेड़ से दो पत्ते नदी में आ गिरे.

एक पत्ता आड़ा गिरा और एक सीधा.
जो आड़ा गिरा वह अड़ गया, कहने लगा, “आज चाहे जो हो जाए मैं इस नदी को रोक कर ही रहूँगा. फ़िर चाहे मेरी जान ही क्यों न चली जाए. मैं इसे आगे नहीं बढ़ने दूंगा.”
वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा – रुक जा नदी.....
अब तू और आगे नहीं बढ़ सकती. मैं तुझे यहीं रोक दूंगा.
पर नदी तो बढ़ती ही जा रही थी. उसे तो पता भी नहीं था कि कोई पत्ता उसे रोकने की कोशिश कर रहा है.
पर उसके सोर्स और डेस्टिनेशन के बीच का समय उसकी पीड़ा का, उसके दुःख का कारण बन गया था.
वहीं दूसरा पत्ता जो सीधा गिरा था, वह नदी के प्रवाह के साथ ही बड़े मजे से बहता चला जा रहा था.
“चल नदी, आज मैं तुझे तेरे गंतव्य तक पहुंचा के ही दम लूंगा. चाहे जो हो जाए मैं तेरे मार्ग में कोई रुकावट नहीं आने दूंगा. तुझे सागर तक पहुंचा कर ही दम लूंगा.”
नदी को इस पत्ते का भी कुछ पता नहीं. वह तो अपनी ही धुन में सागर की ओर बढती जा रही है. पर ये पत्ता तो आनंदित है. वह तो बस ये ही समझ रहा है कि वह ख़ुद नदी को अपने साथ बहाए ले जा रहा है. 
आड़े पत्ते की तरह सीधा पत्ता भी नहीं जानता था कि चाहे वो नदी का साथ दे या नहीं, नदी तो वहीं पहुंचेगी जहाँ उसे पहुंचना है.
पर उसके सोर्स और डेस्टिनेशन के बीच का समय उसके सुख का, उसके आनंद का कारण बन गया था.
पहला आड़ा पत्ता जो नदी से लड़ रहा है और उसे रोक रहा है. उसकी जीत का कोई उपाय संभव नहीं है.
और जो दूसरा सीधा पत्ता नदी को बहाए जा रहा है. उसकी हार का कोई उपाय संभव नहीं है.

प्रबुद्ध जन कहते हैं कि ठीक इन पत्तों की तरह आप भी अपनी फ्रीडम का प्रयोग उस परमेश्वर की इच्छा से लड़ने में कर सकते हैं. और तब जीवन उस आड़े पत्ते के जीवन की तरह दुःख और हताशा के अलावा और कुछ नहीं होगा. 
या फिर आप अपनी फ्रीडम को ईश्वर के प्रति समर्पण बना सकते हैं और सीधे पत्ते की तरह आनंद के सागर में गोते लगा सकते हैं.

दोनों तरह की फ्रीडम आपको उपलब्ध है. इतनी फ्रीडम कि आप आड़ा या सीधा कुछ भी सोच कर इन पत्तों की तरह अपनी मंजिल तक पहुँच सकते हैं. फ़िल्म तो सिर्फ़ आपके सफ़र की बनेगी. शुरुआत और अंत तो सबका एक जैसा ही होता है.

May 3, 2018

मक्खन सिर्फ खाया जाता है.....लगाया नहीं जाता.

चेतन भगत.

एक ऐसा सितारा जो I.I.T और I.I.M. का प्रोडक्ट है लेकिन चमका अपनी सफ़ेदी से ही. उनका लेखन यूथ को नयी दिशा, नए विचार देता है. आत्मा को हिलाता है, डुलाता है. 

उनके लिखे नावेल (जिन पर काबिले-तारीफ़ फ़िल्में भी बनाई जाती हैं) जादुई असर करते नज़र आते हैं. आदमी को सोचने पर मजबूर करते हैं कि आख़िर वो आदमी किसलिए है आदमी? आदम से एक कदम आगे का आदमी. चीज़ों को ट्रांसपेरेंट तरीकों से तलाशता आदमी और आम जिंदगी में दूसरों और अपनों के लिए ख़ुशी के तारे लाता आदमी.

चेतन कमाल के आदमी हैं और उससे भी बढ़कर इंसानियत को समझने-समझाने में जूझ रहा एक योद्धा. साफ़ शब्द....सटीक बात.
उनके 9 छोटे लेकिन असरदार विचार....एक नज़र डालते हैं.

1.  मक्खन सिर्फ खाया जाता है.... लगाया नहीं जाता.

2.  आपकी स्टोरी में Hero हो या ना हो.... आपकी स्टोरी Heroic होनी चाहिए.

3.  जिंदगी गंभीरता से लेने के लिए नहीं है, हम यहाँ अस्थायी रूप से हैं. हम सभी एक Prepaid Card की तरह है जिसकी Limited Validity है.

4.  याद रखिए..... किसी भी चीज को बहुत गम्भीरता नहीं लेना चाहिए. Frustration कहीं ना कहीं एक इशारा है कि आप चीजों को बहुत गम्भीरता ले रहे हैं.

5.  अपने लिए सिर्फ करियर या अकेडमिक गोल्स ही ना बनाएं. ऐसे गोल्स बनाए जो आपको संतुलित और सफल जीवन प्रदान करे. 

6.  अपने ब्रेकअप के दिन प्रमोशन पाने का कोई मतलब नहीं है. कार चलाने में कोई मजा नहीं है अगर आपके पीठ में दर्द हो. दिमाग टेंशन से भरा हो तो भला शॉपिंग करने की क्या खुशी होगी?

7.  मेरे हिसाब से दुनिया आधे पेड़ IIT Entrance Exam की गाइड को बनाने में काट दिए जाते हैं, जिसमें ज्यादातर रद्दी हैं.

8.  शान से जियो, दूसरों के लिए जियो. यही वो तरीका है, जिससे कोई भी सम्मान पाता है.

9.  हो सकता है कि जब आप लोगों को पसंद करना शुरु कर देते हो, तो आप उनकी हर चीजों को भी पसंद करना शुरू कर दो.



May 2, 2018

जो मापा जाता है वो सुधर जाता है.



रोबिन शर्मा, एक विश्व-स्तरीय मानवीय मोटिवेटर हैं. 1964 में जन्में रोबिन का ताल्लुक कनाडा से हैं. उन्हें आज के दौर का बेहतरीन लीडरशिप एक्सपर्ट और मेंटर माना जाता है. उनकी लिखी पुस्तक “The Monk Who Sold His Ferrari” वर्ल्ड की बेस्ट सेलिंग बुक्स में से एक है. उनके कोट्स प्रैक्टिकल ग्राउंड और मानवीय सोच पर आधारित हैं और बेहतर संदेश देने के साथ-साथ बहुत असरकारक भी होते हैं.
आइये देखें, क्या हैं रोबिन के पिटारे में ख़ास.

Quote #1
लक्ष्य प्राप्त करना मायने रखता है. और जो बहादुरी भरे काम और साहसिक सपने आप पूरे करना चाहते हैं उनके बारे में लिखना उन्हें पूरा करने के लिए चिंगारी का काम करेगा.

Quote #2
हर एक सेकंड जो आप ये सोचने में बिताते हैं कि आपको जीवन में क्या नहीं चाहिए वो जो आप चाहते हैं उसपे अपना ध्यान और उर्जा लगाने से रोका गया एक सेकंड है. हर एक मिनट जिसमे आप क्या काम नहीं कर रहा है के बारे में चिंता कर रहे हैं वो जो काम करेगा उसे बनाने से लिया गया एक मिनट है. और हर एक घंटा जो अतीत की असफलताओं के बारे में सोचने में बिताया जाता है वो भविष्य की संभावनाओं को देखने से चुराया हुआ एक घंटा है.

Quote #3
हास्य दिल खोल देता है और आत्मा को शांती देता है. किसी को भी ज़िन्दगी को इतनी संजीदगी से नहीं लेना चाहिए कि वे खुद पर हँसना भूल जाएं.

Quote #4
बाहरी सफलता कोई मायने नहीं रखती जब तक की आप अन्दर से भी सफल न हों.

Quote #5
अपने रास्ते पर खो जाना उस रास्ते को पाने का एक हिस्सा है जिस पर आपको होना चाहिए.

Quote #6
आपका जीवन महान हो, इसके लिए आपका विश्वास आपके भय से बड़ा होना चाहिए.

Quote #7
रोज छोटे -छोटे सुधार समय के साथ आश्चर्यजनक परिणाम लाते हैं.

Quote #8
मैंने सुना है कि गरीबों की मदद करने का सबसे अच्छा तरीका है ये सुनिश्चित करना कि आप उनमे से एक नहीं बन जाते.

Quote #9
हम निडर तब बनते हैं जब हम वो करते हैं जिसे करने से हमें डर लगता है.

Quote #10
रोजाना उत्कृष्टता की लहरें समय के साथ सफलता की सुनामी बन जाती हैं.

Quote #11
जितना अधिक आप और आपका संगठन सफल होते हैं, उतना ही अधिक आपको अपने ग्राहकों के प्रति विनम्र और समर्पित हो जाना चाहिए.

Quote #12
जीवन की कुछ सबसे अच्छी खुशियाँ बड़ी साधारण होती हैं. अपने जीवन को इनसे भर लीजिये और आपका ह्रदय प्रसन्न हो जायेगा.

Quote #13
हमारी दुनिया में इस बात को बहुत महत्त्व दिया जाता है कि हम वो करें जो और लोग कर रहे हैं और वो सोचें जो और लोग सोच रहे हैं.

Quote #14
याद रखिये कुछ किताबें चखने के लिए होती हैं, कुछ किताबें चबाने के लिए और अंत में कुछ किताबें घोल कर पी जाने के लिए होती हैं.

Quote #15
यदि आप सचमुच विश्व – स्तरीय होना चाहते हैं – जितने अच्छे हो सकते हैं होना चाहते हैं तो अंतत: ये आपकी तैयारी और अभ्यास पर निर्भर करेगा.

Quote #16
व्यापार का व्यापार सम्बन्ध हैं; जीवन का व्यापार मानवीय लगाव है.

Quote #17
हम ऐसी दुनिया में जीते हैं जहाँ फेसबुक पर हमारे बहुत से दोस्त हैं पर फिर भी हमने मानवीय लगाव खो दिया है.

Quote #18
उसे दीजिये जिसे आप सबसे अधिक वापस पाना चाहते हैं.

Quote #19
हम सब यहाँ किसी ख़ास वजह से हैं. अपने अतीत के कैदी बनना छोड़िये. अपने भविष्य के निर्माता बनिए.

Quote #20
आपका “ I CAN ” आपके “ IQ " से अधिक महत्त्वपूर्ण है.

Quote #21
सबसे छोटा कार्य सबसे महान इरादे से हमेशा बेहतर होता है.

Quote #22
कभी-कभी सफलता सही निर्णय लेने के बारे में नहीं होती, ये बस कोई निर्णय लेने के बारे में होती है.

Quote #23
स्वयं में निवेश करना सबसे अच्छा निवेश होगा जो आप कभी भी करेंगे. ये सिर्फ आपका ही जीवन नहीं सुधारेगा, ये आपके आस -पास के लोगों का जीवन भी सुधार देगा.

Quote #24
सादगी की शक्ति को कभी अनदेखा मत कीजिये.

Quote #25
जीवन का उद्देश्य उद्देश्यपूर्ण जीवन है.

Quote #26
मैंने एक बार पढ़ा था कि जो लोग दूसरों को पढ़ते हैं वो बुद्धिमान होते हैं लेकिन जो खुद को पढ़ते हैं वो प्रबुद्ध होते हैं.

Quote #27
आपको गुलाब देने वाले हाथों में हमेशा थोड़ी सी खुशबु रह जाती है.

Quote #28
बदलाव प्रारंभ में सबसे कठिन, मध्य में सबसे बेकार और अंत में सबसे अच्छा होता है.

Quote #29
ज़िन्दगी बड़े सपने देखने वाले और जोशीले क्रांतिकारियों का इम्तहान लेती है.

Quote #30
खुद को और अधिक काम करने और अनुभव लेने के लिए प्रेरित करिए. अपनी उर्जा का उपयोग अपने सपनो का विस्तार करने के लिए कीजिये. हाँ , अपने सपनो का विस्तार कीजिये. एक औसत दर्जे की ज़िन्दगी को मत स्वीकार कीजिये जबकि आपके मन के किले के भीतर आपार संभावनाएं निहित हैं. अपनी महानता का लाभ उठाने की हिम्मत करिए.

Quote #31
जो मापा जाता है वो सुधर जाता है.

Quote #32
सभी महान विचारकों का प्रारंभ में उपहास किया जाता है और अंतत: उन्हें पूजा जाता है.

Quote #33
बड़े लोग, लोगों को ख़ुद से छोटा महसूस नहीं कराते.

Quote #34
जीवन को आपको तोडना पड़ता है ताकि आपको फिर से बनाया जा सके.

Quote #35
विक्टिम्स समस्याएँ दोहराते हैं, लीडर्स समाधान सुझाते हैं.

Quote #36
चिंता दिमाग की शक्ति क्षीण कर देती है, और देर- सबेर आत्मा को क्षति पहुंचती है.

Quote #37
क्योंकि जिस क्षण आप उन चीजों को करना छोड़ देते हैं जो आपको पर्वत के शिखर तक ले गयी उसी क्षण आप नीचे घाटी में गिरना शुरू कर देते हैं.

Quote #38
ये कहना कि आपके पास अपना विचार और जीवन सुधारने का वक़्त नहीं है … ये कहने के बराबर है कि आप इसलिए पेट्रोल नही भरा सकते क्योंकि आप गाड़ी चलाने में बहुत व्यस्त हैं.

Quote #39
गलती गलती है अगर आप उसे दुबारा करें.

May 1, 2018

Mr. Y को उनकी जासूसी करनी पड़ रही है.

ये दौर एक शानदार मगर प्रतिस्पर्धा के पथरीले रास्ते से गुजर रहा है. एक अच्छा खासा पढ़ा-लिखा स्वस्थ जीवित आदमी और उसका परिवार जल्दी से जल्दी ये तय कर लेना चाहते हैं कि उनकी संतान क्या बने? क्यों बने? किस फील्ड में बने? कहाँ उसकी जोइनिंग हो? कहाँ उसका ट्रांसफर हो? कैसे और किससे उसकी शादी हो? किन-किन सालों में वो बच्चे पैदा कर लें? और उनकी संतानों के बच्चें यानि के उनके नाती-पोते किस स्कूल में पढेंगे? वो क्या बनेंगे? और कैसे बनेंगे? सभी आंकड़े तैयार हैं. बस दिशा-निर्देश की कमांड देना बाकी है. 

इतनी तैयारी की वजह साफ़ है – सब बुद्धिमान लोग अपनी संतानों को सामाजिक मापदंडो के हिसाब से तुरंत सेट करने की जुगत में लगे दिखाई दे रहें हैं और उनके सपने इतने व्यावहारिक हैं कि उनके पड़ोसी यानि Mr. Y को उनकी जासूसी करनी पड़ रही है कि आख़िरकार Mr. X  यानी आप और आपकी प्रतिभाशाली संतान लाइफ का ऐसा कौन सा केमिकल फार्मूला तैयार कर रहें हैं जिससे आपके आने वाली 2-3 पीढ़ियों को पिला देने से मानो सम्पूर्ण परिवार की सभी समस्याओं का हल जड़ से ख़त्म हो जायेगा. इतना दबाव, इतना तनाव, इतनी पीड़ा, इतना सैक्रिफाइस? किसके लिए? और आख़िरकार क्यों? क्या इससे आपकी संतान को जाने- अनजाने कोई अप्रत्याशित गिफ्ट (निराशा और डिप्रेशन) तो आप नहीं दे रहें हैं? उसके जीवन का ख्याल रखना, उसका मार्गदर्शन करना आपका अधिकार है और फ़र्ज़ भी. लेकिन उसमें इतनी तो गुंजाईश रखी जा सकती होगी कि आपके बच्चे को भी लगे कि उसका जीवन कुछ परसेंट तो उसकी ख़ुशी और पसंद का हो? है कि नहीं? अपने दिन याद करिए? आप क्या बनना चाहते थे और क्या बन गए? 


आइये एक बच्चे के ऐसे ही एक प्रैक्टिकल सवाल को देखते हैं. (ये बच्चा अभी सिर्फ़ 19–20 साल का होगा)

सवाल : मैं एक परीक्षा का एंट्रेंस एग्जाम टेस्ट पास करने की कोशिश पिछले 3 सालों से कर रहा हूं. मगर लगातार फेल हो रहा हूं. पापा-मम्मी का सपना पूरा नहीं कर पाने का मलाल दिल में रह-रह के बढ़ रहा है. मैं बहुत निराश हो गया हूं और उस निराशा से बाहर नहीं आ पा रहा हूं. दिल की धड़कन तेज चलती रहती हैं. कुछ खाने-पीने का मन नहीं करता. आस-पड़ोस के लोगों और दोस्तों से मिलने से डर लगने लगा है. अब पेरेंट्स भी उम्मीद छोड़ चुके हैं. मैं इन दिनों बड़ा ही डिप्रेस फ़ील कर रहा हूं. मुझे सभी रास्ते बंद नज़र आ रहे हैं.  मेरा क्या होगा? क्या मैं कभी स्वाभाविक जीवन जी सकूँगा?

जवाब : निराशा और डिप्रेशन एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है। जब तुम निराश होते हो तो हताश हो जाते हो और हताशा बढ़ जाने पर आ जाता है डिप्रेशन. तुम्हें जानकर हैरानी होगी कि निराशा और डिप्रेशन’ जीवन को को डेड करने वाले सबसे होशियार हथियार हैं. जब तुम्हारा उत्साह किसी भी लेवल को सपोर्ट नहीं कर पाता तो फ्रेंडशिप निभाने डिप्रेशन आ जाता है और फ़िर अच्छे जीवन की संभावना टाटा-बाय-बाय कहने लग जाती है.
इस पोजीशन से तुम्हें निकलना चाहिए. अगर तुम कहते हो कि मैं किसी चीज से, किसी बात से लगातार निराश हो रहा हूं तो तुम हताशा और डिप्रेशन से ज्यादा दूर नहीं रह सकोगे. निराशा ग्राउंड फ्लोर है तो डिप्रेशन टॉप फ्लोर. अब लिफ्ट का बटन तुम्हारें हाथ में है. या तो ये लिफ्ट छोड़ दो नहीं तो ये तुम्हें आज नहीं तो कल टॉप फ्लोर के दर्शन ज़रूर करवा देगी.

तुम अपना सिर गर्व से ऊँचा रखो क्योंकि जीवन की सबसे नेचुरल चीज़ ये है कि जीवन की एनर्जी निराश या उदास होना नहीं जानती है. ये पाजिटिविटी सपोर्टिंग इनबिल्ट सिग्नल है. तो अगर ये सवाल है कि निराशा से पिंडा कैसे छुटे? तो घबराओ मत. तुम्हें निराशा को छोड़ने की जरूरत ही नहीं है. बस तुम उसे पकड़ों ही मत. निराशा की लिफ्ट को लात मार दो. उससे ख़ुद को अनुभवी बनाने का ज्ञान पाने का प्रयास मत करो क्योंकि अंत में भी ये तुम्हें निराशा ही देगा, और कुछ नहीं. याद रखो कि जीवन का हर रूप ख़ुद उत्साह है. फेलियर केवल एक स्टेज है, मंजिल नहीं.  

निराशा और डिप्रेशन का सीधा-सीधा मतलब है कि आप अपने ही जीवन के खिलाफ काम करने लग पड़े हैं और क्या ये सचमुच में समझदारी होगी?  
एक नन्हें उगते पौधे को देखो, चाहे तुम उसको छत पर रख दो और कुछ नहीं. बस थोड़ी सी मिट्टी उस पर डाल दो तो वह 20 मीटर नीचे तक अपनी जड़ें फैला सकता है. तुम्हें लगता है कि पौधा कभी निराश होता है? नहीं. 

एनर्जी ऑफ़ लाइफ किसी तरह की निराशा नहीं जानती. निराश सिर्फ तुम्हारा मन हो जाता है क्योंकि लिमिटेड सोच का मन झूठी उम्मीदें पालने लगता है और जब तुम्हारी उम्मीदें जीवन के साथ कभी कभी तालमेल नहीं बिठा पाती या काल्पनिक अथवा साइकोलॉजिकल होती हैं तो बस मन को लगता है कि अब दुनिया में कुछ नहीं बचा तुम्हारे लिए. असल में ऐसा कुछ होता ही नहीं. कुछ समय इन्तजार करके देखो. तुम पाओगे कि तुम फ़िर से नयी एनर्जी से भर उठे हो.

कई लोग किसी भी परीक्षा में फ़ेल होने पर आत्महत्या कर लेते हैं या ऐसा करने की सोचने लगते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इसके बिना दुनिया ख़त्म हो गयी. कुछ नहीं बचा. ये सिर्फ़ एक सामाजिक परिकल्पना है क्योंकि परीक्षा में बैठने वालों और पास हो जाने वाले लोगों के अनुपात में अंतर बहुत ज्यादा होता है. 

मान लीजिये किसी परीक्षा में एडमिशन या नौकरी की 1,000 सीटें हैं और परीक्षा देने वाले 1,000,00. तो क्या सिर्फ़ परीक्षा में सेलेक्ट हुए 1,000 लोग ही जीने लायक बचेंगे. बाकि 99,000 आत्महत्या कर लेंगे? नहीं, ऐसा कभी नहीं होता. ये सिर्फ़ मन की निराशा है. बाकी लोगों को बस कुछ दूसरे रास्ते तलाशने होंगे जहाँ से वो किसी और दिशा में आगे बढ़ सकें. बस इतना ही करना होता है. जिंदगी रिजल्ट के साथ जीने का नाम नहीं है. ये ख़ुद एक शानदार रिजल्ट है और तुम इसके सबसे बेस्ट प्रोडक्ट हो.

तो कुल मिलाकर निराश या उदास या हताश हो जाना पूरी तरह एक साइकोलॉजिकल थिंकिंग का हिस्सा है. ये प्रैक्टिकल तो बिलकुल ही नहीं है. यह जीवन से जुड़ा मसला ही नहीं है.

जब तुम निराश हो और तुम्हारा मन कहे कि जीने से मुझे कोई लाभ नहीं, मुझे मर जाने  दो,’ तो बस दो मिनट के लिए अपना मुंह और नाक बंद करके देखना और तुम्हारे अंदर का जीवन कहेगा, ‘मुझे जीने दो.’ मुझे ऐसे मरना होता तो जीने आता ही क्यों. 

याद रहे कि कोई सचमुच का बेवकूफ या मूर्ख व्यक्ति ही निराशा और डिप्रेशन में हमेशा के लिए जा सकता है. अगर तुम समझदार हुए तो डिप्रेशन में कैसे जा सकोगे? तुमने अपनी बुद्धि को पूरी तरह एक फ्रेम में कैद कर डाला, बस इसीलिए ये चांस बने वरना निराशा और डिप्रेशन का वास्तविकता से क्या लेना-देना. ये बस तुम्हारे मन का वहम मात्र है जो कुछ दिनों में तुमसे हारकर भाग जायेगा.

मुस्कुराओ. तुम जिंदगी हो. इसे बचा लो.